Contact: +91-9711224068
International Journal of Home Science
  • Printed Journal
  • Indexed Journal
  • Refereed Journal
  • Peer Reviewed Journal

Impact Factor: RJIF 5.3, NAAS Rating: 3.32

International Journal of Home Science

2019, VOL. 5 ISSUE 3, PART C

बालश्रम की बाध्यता के कारण एवं विभिन्न संगठनों द्वारा बालश्रम उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का अध्ययन

Author(s): गुंजन दुबे, कामिनी जैन, नीलमा कुँवर
Abstract:
हमारे देश में बालश्रम की समस्या काफी गंभीर है। बालश्रम से अभिप्राय यह है कि कोई एक बालक जब कार्य करता है तथा जिसके बदले में उसे कुछ प्राप्त होता है इसकी अवधारणा में मुख्य तीन तथ्य सामने आते हैं। प्रथम आर्थिक दृष्टि से बालकों से लंबे समय तक जोखिम भरा कठोर कार्य करवाकर उन्हें कम मजदूरी या भुगतान करना। दूसरा बालश्रम से व्यक्तितव का विघटन होता है। तीसरा यह एक सामाजिक बुराई है क्योंकि समाज में बाल श्रमिकों के व्यक्तित्व विघटन के परिणामस्वरूप अनेक सामाजिक समस्यायें उत्पन्न होती हैं जो समाज के लिए हानिकारक है। यह रोजगार तत्कालीन जीवन में क्षुधा शान्ति अवश्य कर देता होगा परन्तु यही रोजगार बचपन की मौजमस्ती से बालक को वंचित रखता है। कार्य की कठोर और खतरनाक दशायें बच्चों के व्यक्तित्व में अनेक शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकृतियों को जन्म देती है एवं विकसित करती हैं। कार्य अवधि, कठोर परिश्रम, अनुचित व्यवहार, बच्चों के मस्तिष्क और शरीर को प्रभावित करते हैं इस प्रकार बालश्रम बच्चों के व्यक्तित्व के विकास में गतिरोध उत्पन्न करता है। बालश्रम की यह सामाजिक समस्या प्रायः हर समाज में विद्यमान रहती है एवं कोई भी समाज इसके अस्तित्व को नकार नहीं सकता है।
Pages: 133-135  |  12 Views  4 Downloads
How to cite this article:
गुंजन दुबे, कामिनी जैन, नीलमा कुँवर. बालश्रम की बाध्यता के कारण एवं विभिन्न संगठनों द्वारा बालश्रम उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का अध्ययन. Int J Home Sci 2019;5(3):133-135.
International Journal of Home Science