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2025, VOL. 11 ISSUE 3, PART H

प्रवासी मजदूरों को-एड्स के प्रति जागरूकता की जरूरत का अध्ययन

Author(s): अरूणा कुमारी
Abstract:
एड्स को लेकर स्थापित तथ्य यही है कि एचआईवी केएक बार शरीर में प्रवेश कर जाने के बाद इसे किसी भी तरीके से बाहर निकालना असंभव ह,ै और यही वायरस धीरे-धीरेएड्स में परिवर्तित हो जाता है। हालांकिएड्स वास्तव मेें अपने आप में कोई बीमारी नही है बल्कि संक्रमण के बाद जब रोगी व्यक्ति छोटी-छोटी बीमारियों से लड़ने की शारीरिक क्षमता भी खो देता है यहीएड्स की अवस्था होती है। एचआईवी संक्रमण कोएड्स की स्थिति तक पहुँचने मेें 10-12 साल और कभी-कभी इससे भी ज्यादा समय लग सकता है। यही कारण है किएड्स तथा एचआईवी के बारे में लोगोे को पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए, हालांकि पिछले कई वर्षों सेएड्स और एचआईवी को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करने के प्रयास किये जा रहे है लेकिन फिर भी विडम्बना यह है कि बहुत से लोग इसे आज भी छुआछूत से फैलने वाला संक्रमण रोग मानते है।
Pages: 532-534  |  131 Views  81 Downloads


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How to cite this article:
अरूणा कुमारी. प्रवासी मजदूरों को-एड्स के प्रति जागरूकता की जरूरत का अध्ययन. Int J Home Sci 2025;11(3):532-534. DOI: 10.22271/23957476.2025.v11.i3h.2047

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